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डेंगू के लक्षण और उपचार

 डेंगू, 'मादा एडीज एजिप्टी' मच्छर के काटने से फैलता है । ये मच्छर साफ़ पानी में पनपता है और बहुत अधिक ऊंचाई तक नहीं उड़ पाता । डेंगू वायरस शरीर में पहुँचने के 3-5 दीन बाद अपना असर दिखाता है , लेकिन कभी-कभी अवधि 7-10 दिन की भी होती हैं। हर वर्ष जुलाई से अक्टूबर के मध्य डेंगू का प्रकोप फैलता ।

डेंगू के प्रकार और उनके लक्षण 

  • सर दर्द
  • तीव्र बुखार
  • जोड़ो में दर्द
  • उलटी/दस्त
  • पुरे शरीर में दर्द
  • आँखों में दर्द
  • शरीर के कुछ हिस्सों पर लाल लाल चकते निकल आना
  • कई बार नाक से खून आता है
साधारण डेंगू बुखार  जिसे क्लासिक डेंगू भी कहते हैं -  सामान्यतः 5-7 दीन तक रहता है । इसमें ठंड (ठंड) लगने के बाद तेज बुखार चढ़ना , सर, मांसपेशियों और सर में दर्द होना, जोड़ों, आँखों के पीछे हिस्से में दर्द होना, जो आँखों को दबाने या फिर हिलाने से और बढ़ता है, बहुत अधिक लगना, भूख न लगना , जी मिचलाना , स्वाद खराब होना , गले में हल्का हल्का दर्द होना , शरीर विशेषकर चेहरे, गर्दन और सीने (छाती) पर लाल गुलाबी रंग के धब्बे नज़र आते हैं ।

डेंगू रक्तस्रावी बुखार (DHE) - यदि ऊपर बताये गए साधारण डेंगू बुखार के लक्षणों के साथ साथ रोगी को नाक और मसूड़ों में खून आना, फिर शौच उलटी में खून आना , त्वचा पर नीले काले रंग के चकत्तेपड़ जाना जैसे लक्षण प्रकट हो तो उसे डेंगू रक्तस्रावी बुखार (DHE) हो सकता है । इसका पता लगाने के लिए रक्त की जांच है । 
डेंगू शॉक सिंड्रोम (डीएसएस) -  रोगियों में साधारण डेंगू बुखार और डेंगू रक्तस्रावी बुखार के लक्षणों के साथ बेचैनी महसूस होती है , तेज बुखार के बावजूद उसकी त्वचा ठंडी हो, मरीज़ बार बार बेहोश हो, पल्स कभी तेज और कभी धीरे चलने लगे और रक्तचाप एकदम कम हो जाए, तो मामला डेंगू शॉक सिंड्रोम का है । डेंगू की ये अवस्था बेहद खतरनाक होती है , जिसमें मरीज़ को अस्पताल में भर्ती कराना ज़रूरी हो जाता है ।

डेंगू का इलाज 

साधारण डेंगू बुखार में पेरासिटामोल से काम चल सकता है।लेकिन ध्यान रखें मरीज़ को एस्पिरिन (disprin आदि) की गोलियाँ बिखुल नहीं देनी चाहिए , क्योंकि इससे प्लेटलेट्स काम होने का खतरा रहता है ।

आराम  करे और लिक्विड लेते रहो| इस दौरान शरीर में पानी की कमी नहीं होनी चाइये, इसलिए डॉक्टर द्वारा बताये पाउडर को पानी में डालकर पीते रहे|

किसी भी अन्य बीमारी की तरह डेंगू के मरीज़ को भी अच्छे डॉक्टर को दिखाना ज़रूरी होता है। इसीलिए यदि आपको ऊपर दिए कोई लक्षण अपने शरीर में लगे अपने खून की जांच ज़रूर कराएं ।

डेंगू से बचाव के घरेलू उपाय 

विटामिन सी - विटामिन सी की अधिकता वाली चीज़ें जैसे अमला, संतरा फिर मौसमी पर्याप्त मात्र में ले, इससे शरीर का सुरक्षा चक्र (प्रतिरक्षा प्रणाली) मज़बूत होता है।

हल्दी - खाने में हल्दी का अधिक प्रयोग करे। इसे सुबह आधा चम्मच पानी के साथ या फिर रात में दूध से लिया जा सकता है । लेकिन मरीज़ को यदि ज़ुकाम हो तो दूधका प्रयोग न करें ।

तुलसी और शहद - तुलसी और शहद के पाटों को उबाल कर पियें , इससे भी इम्यून सिस्टम बेहतर होता है ।

सरसों का तेल  - नाक के अंदर सरसों का तेल लगाएं । तेल की चिकनाहट बैक्टीरिया को भीतर जाने से रोकती है।

डेंगू को रोकने के उपाय 

मच्‍छरों से बचना - डेंगू का वायरस मच्‍छरों के काटने से फैलता है। डेंगू एक संक्रामक रोग है और कुछ स्थितियों में यह बीमारी जानलेवा भी हो सकती है। डेंगू से सुरक्षित रहने के लिए सभी आवश्यक उपाय करने चाहिए। डेंगू से बचने का एकमात्र उपाय, मच्‍छरों से बचना है। यहां हम आपके और आपके परिवार के लिए इस महामारी को रोकने में मदद करने के कुछ सुझावों के बारे में बता रहे हैं।

रुके हुए पानी से छुटकारा पाएं

एडीज एजिप्‍टी मच्‍छर दिन के समय संक्रमण फैलाते हैं। इनका जन्‍म आमतौर पर जमा पानी वाले स्‍थानों पर होता है। इसलिए घर के अंदर और आस-पास स्थिर पानी को साफ करना बहुत महत्‍वपूर्ण होता है। इसके अलावा कूलर, गमले आदि में पानी जमा न रहने दें।

रोगी को मच्‍छर के कटाने से बचायें
डेंगू से पीड़ि‍त व्‍यक्ति को फिर से मच्‍छर द्वारा कटाने से बचाये। इसके अलावा, यह भी सुनिश्चित करें किे घर में हर किसी की मच्‍छर के काटने के खिलाफ रक्षा की जाये।

मच्छर भगाने वाले रिपेलेंट का प्रयोग करें
मॉस्किटो रिपेलेंट का इस्‍तेमाल नियमित रूप से करें। इससे कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिए कि दिन है या रात। मच्‍छरों वाले स्‍थान में मॉस्किटो रिपेलेंट का इस्तेमाल रात में करने के साथ-साथ दिन में भी करें।

मच्‍छरों के सभी प्रवेश बिंदुओं को ब्लॉक करें
आप इस बात को भी सुनिश्चित करें कि अंदर और बाहर जाने के सभी रास्‍तों में किसी भी प्रकार का छेद न हो। अगर आप ऐसा पाते हैं तो घर में मच्‍छरों के प्रवेश को निषेध करने के लिए ठीक से उन सभी छेदों को ब्‍लॉक कर दें।
मच्छरदानी का प्रयोग करें
घर में मच्‍छरों के अधिक होने पर सोने के लिए आपको हर रात मच्‍छरदानी का इस्‍तेमाल जरूर करना चाहिए। विशेष रूप से अगर आपके घर में बच्‍चे हैं, तो उन्‍हें रात के समय बिना मच्‍छरदानी के न सोने दें।

कूड़ेदान को साफ रखें
कूड़ेदान में कचरा एकत्रित होता दिखाई देने पर उसे तुरंत खाली करें। क्‍योंकि गंदगी या गंदा हिस्‍सा मच्‍छरों के लिए प्रजनन भूमि हो सकता है। इसके अलावा, उस क्षेत्र में मच्‍छरों के प्रवेश को रोकने के लिए कचरे को ढंक कर रखें।

घर के पास तुलसी के पौधे को रखें
प्राकृतिक तरीके से घर में मच्‍छरों के प्रवेश को रोकने के लिए अपनी खिड़की या दरवाजे के पास तुलसी का पौधा लगाये। यह प्राकृतिक तौर पर रिपेलेंट का काम करता है जिससे इस संक्रमण की आशंका घटती है।

डेंगू होने पर क्या खाएं (डेंगू रोगी के लिए खाद्य पदार्थ)
पपीता पत्ते: ये डेंगू के रोगी के लिए महा औषधि का काम करता है । इलाज करने के लिए पपीते के दो पत्ते लें उनको पीसकर रस निकल लें । रस के कड़वेपन को दूर करने के लिए इसमें संतरे का रस (नारंगी) का रस या शहद मिलाइए ।दिन में एक बार इस रस को लें । रास का सेवन करने से रक्त में प्लेटलेट्स की संख्या बढती है जो डेंगू के वायरस से लड़ता है।

संतरे का रस:  संतरे में विटामिन भरपूर मात्र में होता है जो रोगी की पाचन शक्ति को मज़बूत करता है । संतरा हमारे रक्त की एंटीबॉडी को भी बढाता है जिससे हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली मज़बूत होती है ।

दलिया: डेंगू सीधे हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली पर हमले करता है जिसके कारण हमारा शरीर कमजोर हो जाता है । इसलिए डेंगू के मरीज़ को दलिया जैसा हल्का भोजन करना चाहिए

हर्बल चाय: अदरक (लहसुन) डालकर हुई हर्बल चाय बुखार को कम करने में मदद करती है और इसके सेवन से रोगी को आराम भी मिलता है।

नारियल का पानी: बुखार के कारण शरीर में जो पानी (जल) की कमी होती है उसको पूरा करने में नारियल का पानी बहुत मदद करता है। साथ ही यह शरीर में खनिजों की कमी को दूर करता है।

शोरबा (सूप): गाजर (गाजर), खीरा (ककड़ी) हां सब्जियों से बने सूप मुझे भरपूर मात्रा में पोषक तत्वों होते हैं । ये डेंगू से लड़ने में मरीज़ की मदद करते हैं ।

नींबू का रस (नींबू का रस): नींबू का रस डेंगू के रोगी के लिए बहुत लाभदायक होता है, क्योंकि ये रक्त की अशुद्धियों को मूत्र के साथ बाहरनिकाल देता है ।

Source - फेसबुक 

जिद्दी मस्सों से छुटकारा दिलाती है किचन में मौजूद ये 12 चीजें

तस्वीरों का इस्तेमाल प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।
हरे, हाथ-पैरों और पीठ पर काले और भूरे रंग के छोटे गोल से दिखाई देने वाले मस्से ज्यादातर दर्द तो नहीं करते, लेकिन कहीं न कहीं इनकी वजह से परेशानी जरूर होती है। इसे हटाने के लिए अपनाए जाने वाले उपाय कई बार बड़े घावों का कारण भी बन जाते हैं। वैसे, अगर इनके साथ ज्यादा छेड़छाड़ न की जाए तो ये खुद ही खत्म हो जाते हैं। पेपीलोमा वायरस के कारण मस्से बनते हैं और इनके साथ छेड़छाड़ करने से और भी मस्से हो सकते हैं।
मस्से को दूर करने के घरेलू उपाय
मस्से को बिना किसी ऑपरेशन या सर्जरी के आसानी से कुछ घरेलू उपायों को अपनाकर ही दूर किया जा सकता है।
बेकिंग सोडा और अरंडी का तेल
किचन में पाए जाने वाले बेकिंग सोडा और अरंडी तेल की बराबर मात्रा मिलाकर पेस्ट बनाएं। इस पेस्ट को रात भर मस्से पर लगा रहने दें। 2-3 दिन तक के लगातार इस्तेमाल के बाद से ही मस्से गायब होने लगते हैं।
प्याज का रस
खाने का जायका बढ़ाने वाला प्याज भी मस्से को दूर करने में कारगर इलाज है। प्याज के रस की थोड़ी-थोड़ी मात्रा दिन में 2 बार मस्से वाला हिस्से पर लगाएं। जल्दी ही असर दिखाई देने लगता है।

लहसुन
लहसुन को छिलकर उसकी कली को हल्के हाथों से मस्से पर रगड़िए। उसके रस में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल तत्व से मस्सा कुछ ही दिनों में सूखकर झड़ जाता है।
अगरबत्ती
ज्यादातर लोग मस्से को दूर करने के लिए इस इलाज को अपनाते हैं। अगरबत्ती के जले हुए हिस्से को मस्से पर लगाएं, ध्यान रहें ज्यादा देर तक न रखें। 5-6 बार ऐसा करने से ही मस्सा आसानी से सूख कर अलग हो जाता है।
पाइनएप्पल जूस
अनानास के रस में ऐसे कई एंजाइम मौजूद होते हैं जो मस्से को दूर करने में कारगर होते हैं।
एप्पल जूस
सेब के रस में भी मस्से को दूर करने का गुण होता है। इसके जूस को तकरीबन 3 हफ्ते तक लगातार मस्से वाली जगह पर लगाएं। इसका असर धीरे-धीरे होता है।
ऐलोवेरा
ताजा ऐलोवेरा जेल से मस्सों पर मसाज करने से भी काफी फायदा मिलता है।
शहद
शहद के उपयोग से भी मस्सों की समस्या को जल्द दूर किया जा सकता है।

केले का छिलका
केले के छिलके को भी मस्से को खत्म करने में इस्तेमाल किया जाता है। छिलके को अंदर की तरफ से मस्से पर बांध लें। रोजाना इसे बदलते रहें, मस्से को दूर करने का अच्छा फॉर्मूला है।
बरगद के पत्ते
बरगद के पत्तों के रस को मस्सों पर लगाने से वो सूखने लगते हैं और धीरे-धीरे सूखकर झड़ जाते हैं।

आलू का रस
आलू ब्यूटी प्रोडक्ट्स के तौर पर काफी समय से उपयोग किया जाता रहा है। आलू को छीलने के बाद उसे काट कर मस्से वाली जगह पर लगाएं। बहुत जल्द असर करता है।
अरंडी का तेल
अरंडी का तेल को मॉइश्चराइजर के तौर पर मस्से वाली जगह लगाएं। रोजाना दिन में दो बार इस्तेमाल के बाद से ही फर्क नजर आने लगता है।
SOURCE - BHASKER

Health Benefits of Black Pepper (काली मिर्च)


Blackpepper
काली मिर्च जो कि किंग ऑफ स्‍पाइस के नाम से जानी जाती है एक महत्‍वपूर्ण मसालों में से एक है। यह दक्षिण भारत में अधिकतर में पाई जाती है पर अब इसे अधिकतर ट्रौपिकल देशों में उगाया जाता है। भोजन में काली मिर्च का उपयोग गर्म मसालों में किया जाता है। मसाले के अतिरिक्‍त काली मिर्च का उपयोग कई रोगों में भी किया जाता है। अंग्रेजी में ब्लैक पेपर के नाम से जाना जाता है। यह केवल हमारे भोजन का ही स्वाद नही बढ़ाती बल्कि इसके द्वारा घरेलू नुस्खों से रोगों को भी ठीक किया जाता है। काली मिर्च में कैल्शियम, आयरन, फास्फोरस, कैरोटीन, थायमीन रिबोफ्लोवीन, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन आदि पौषक तत्व पाये जाते है

यूनानी मतानुसार काली मिर्च उदरपीड़ा, डकार और अफारा मिटाकर कामोत्तेजना एवं विरेचन करती है। अरुचि, …जीर्ण ज्वर, दांत दर्द, मसूड़ों की सूजन, पक्षाघात, नेत्ररोग आदि पर भी यह हितकारी है।

गैस की शिकायत: गैस की शिकायत होने पर एक कप पानी में आधे नीबू का रस डालकर आधा चम्मच काली मिर्च का चूर्ण व आधा चम्मच काला नमक मिलाकर नियमित कुछ दिनों तक सेवन करने से गैस की शिकायत दूर हो जाती है।

नेत्र रोगों में: काली मिर्च का प्रयोग नेत्र ज्‍योति में बड़ा सहायक होता है। इसके आधा चम्मच  पाउडर को थोड़े- से शुद्ध् देशी घी के साथ मिला कर रोजाना सुबह-शाम नियमित खाने से खाने से आंखों की ज्‍योति के साथ साथ आंखों के कई रोग भी दूर होते हैं।

श्‍वास संबन्‍धी रोगों में: आधी चम्‍मच काली मिर्च के पाउडर को थोडे गुड में मिला कर इसकी छोटी छोटी गोलियां बना कर चूसने से खांसी में आराम मिलता है। पानी में तुलसी, काली मिर्च, अदरक लौंग और इलाइची के साथ उबालकर इसकी चाय बना कर पीने से जुखाम व बुखार में लाभ होता है। बारीक पिसी काली मिर्च, गुलहठी और मिश्री मिला कर रख दें, इस मिश्रण को एक चुटकी शहद के साथ मिला कर खाने से गले की तकलीफ में लाभ होता है तथा आवाज भी साफ होती है।

पाचन तंत्र संब‍न्‍धी रोगों में: काली मिर्च को किशमिश के साथ मिलाकर 2 से 3 बार चबाकर खाने से पेट के कीड़े दूर होते हैं। छाछ में काली मिर्च पाउडर मिला कर पीने से पेट के कीडे मर जाते हैं। नींबू के टुकडों से बीज निकालकर इसमें पिसा काला नमक और काली मिर्च पाउडर भर कर गर्म कर के चूसने से बदहजमी में लाभ मिलता है। एक कप गर्म पानी में 3-4 पिसी काली मिर्च के साथ नींबू का रस मिला कर पीने से गैस की शिकायत दूर होती है।

गला बैठना : काली मिर्च को घी और मिश्री के साथ मिलाकर चाटने से बंद गला खुल जाता है और आवाज़ सुरीली हो जाती है। आठ-दस काली मिर्च पानी में उबालकर इस पानी से गरारे करें, इससे गले का संक्रमण खत्म हो जाएगा।

पायरिया:  नमक के साथ काली मिर्च मिला कर दोतों में मंजन करने से पायरिया ठीक होता है तथा दांतो में चमक और मजबूती बढती है।

स्‍मरण शक्‍ति : पिसी काली मिर्च को थोडे से शहद के साथ मिला कर खाने से स्‍मरण शक्‍ति बढती है।

गठिया के दर्द:  पिसी काली मिर्च को तिल के तेल में जलने तक गरम करें, ठंडा करके इस तेल को मांस पेशियों पर लगाने से गठिया के दर्द में फायदा होता है।

जुकाम : जुकाम होने पर काली मिर्च मिलाकर गर्म दूध पीएं। यदि जुकाम बार-बार होता है, अक्सर छीकें आती हैं तो काली मिर्च की संख्या एक से शुरू करके रोज एक बढ़ाते हुए पंद्रह तक ले जाए फिर प्रतिदिन एक घटाते हुए पंद्रह से एक पर आएं। इस तरह जुकाम एक माह में समाप्त हो जाएगा।

खांसी:  खांसी होने पर आधा चम्मच काली मिर्च का चूर्ण और आधा चम्मच शहद मिलाकर दिन में 3-4 बार चाटें। खांसी दूर हो जाएगी।

त्वचा रोग : काली मिर्च को घी में बारीक पीसकर लेप करने से दाद-फोड़ा, फुंसी आदि रोग दूर हो जाते हैं।

पेट में कीड़े :  पेट में कीड़े की समस्या से ग्रस्त हैं तो काली मिर्च को किशमिश के साथ 2-3 बार चबाकर खा जाएं। एक गिलास छाछ में थोड़ी सा काली मिर्च का पाउडर मिलाकर पीने से भी पेट के कीड़े मर जाते हैं।

कांच का टुकडा :  यदि पेट में कांटा, कांच का टुकडा आदि खाने के साथ या किसी भी भांति चला जाए तो पके हुए अनन्नास के साथ काली मिर्च और सेधा नमक लगाकर खाने से पेट में गया हुआ कांच या कांटा निकल जाता है।
कब्ज:  कब्ज होने पर काली मिर्च के चार-पांच साबुत दाने दूध के साथ रात को लेने से कब्ज में लाभ मिलता है।

मलेरिया :  मलेरिया होने पर काली मिर्च के चूर्ण को तुलसी के रस में मिलाकर पीने से लाभ होता है।

ब्लड प्रेशर लो :  यदि आपका ब्लड प्रेशर लो रहता है, तो दिन में दो-तीन बार पांच दाने कालीमिर्च के साथ 21 दाने किशमिश का सेवन करे।

बवासीर : काली मिर्च 20 ग्राम, जीरा 10 ग्राम और शक्कर या मिश्री 15 ग्राम कूट-पीस कर मिला लें। इसे सुबह -शाम पानी के साथ फांक लें। बवासीर रोग में लाभ होता है।

सिर दर्द: काली मिर्च को सुई से छेद कर दीये की लौ से जलाएं। जब धुआं उठे तो इस धुएं को नाक से अंदर खीच लें। इस प्रयोग से सिर दर्द ठीक हो जाता है। हिचकी चलना भी बंद हो जाती है।

Note -

  • यह एक बढिय़ा एंटीऑक्सीडेंट है। यह मैंगनीज और आयरन जैसे पोषक तत्वों का बढिय़ा स्रोत है, जो शरीर के सुचारु रूप से कार्य करने के लिए आवश्यक है।
  •  
  • यह एक बढ़िया एंटीऑक्सीडेंट है।काली मिर्च एंटीबैक्टीरियल की तरह काम करती है। यह मैंगनीज और आयरन जैसे पोषक तत्वों का बढ़िया स्रोत है, जो शरीर के सुचारु रूप से कार्य करने के लिए आवश्यक है।
  •  सफेद काली मिर्च आंखों और मस्तिष्क के लिए उपयोगी मानी जाती है।आटे में देशी घी और शक्कर मिलाकर इसमें सफेद काली मिर्च का पाउडर मिला लें। फिर इसका सुबह-शाम सेवन करें। 
  • त्वचा पर कहीं भी फुंसी उठने पर काली मिर्च पानी के साथ पत्थर पर घिस कर अनामिका अंगुली से सिर्फ फुंसी पर लगाने से फुंसी बैठ जाती है।

How to Lose Weight Using Cinnamon Powder and Honey




The recipe for this allegedly miraculous weight loss aid is very simple. You can make it in minutes and store it in the refrigerator for one day, or until needed. Mix up one batch each morning before breakfast.

Try using different types and flavors of local honey as well as different types of cinnamon until you get the results you desire or to change the flavor and palatability of the drink.

Recipe Ingredients

1 teaspoon honey
1/2 teaspoon cinnamon powder
1 cup of water

Instructions

Combine the cinnamon and honey with the water in a small saucepan.
Bring the mixture to a boil.
Filter the liquid into a cup and divide into two half-cup quantities.
Consume one half an hour before breakfast and the second half an hour before going to sleep at night.

Helpful Tips


Keep these helpful tips in mind:
Some proponents recommend adding raw honey after the water has boiled to retain nutrients and thus the benefits.
By following this regimen, it is suggested that a dieter may easily lose three to five pounds within one week without changing anything else within his or her diet. Differences in results may be due to the cinnamon used. There are three types of cinnamon available in stores: Ceylon cinnamon, Indonesian cinnamon, and Cassia cinnamon.
Keep in mind that while Cassia is sold as a cinnamon, it is not actually the same spice and may, therefore, produce different results. In addition, Cassia should never be used in high doses for long periods.

The Effect It Has on the Body


According to materials and articles recommending this diet aid, this mixture of cinnamon powder and honey stops the body from accumulating fat.

Other explanations include the fact that honey is an antioxidant and does all kinds of good things for the body.

Cinnamon may influence blood sugar and the way it's processed, giving your body a better chance to break it down in such a way that it doesn't turn to fat. Some proponents of this diet claim that abdominal weight is more sensitive to cinnamon's effects than other body weight.

Not the Only Cure

While this may sound like a terrific solution to your weight loss problem, it's only meant as a short-term measure, not a long-term cure. Most evidence that this diet works is anecdotal; there are no proven results. Nobody can attain permanent weight loss without a proper balance between healthy diet and exercise. To lose weight, you should eat a variety of food groups, limit junk food and consume appropriate portions. Additionally, exercise that includes both cardio and strength-training should be a regular part of your exercise plan. When someone asks you how to lose weight using cinnamon powder and honey, by all means share the recipe. Just be sure to let people know that the only sure way to attain real weight-loss results is to eat a healthy diet and exercise regularly.

Source - diet.lovetoknow

Home Remedies - Reduce belly fat in 4 weeks with simple diet



1. Home Remedy by using black pepper, lemon juice and honey


1. Take 1 glass lukewarm water
2. Add 1 teaspoon black pepper powder
3. Add 4 teaspoon lemon juice
4. Add 1 teaspoon honey
5. Mix well
6. Drink every day for a month


2. Cumin seeds helps to reduce the weight


Ingredients:

Take 2 table spoon of Cumin

1/2 Lemon

Take 1 and half glass of water

Direction:-

Take 1 and half glass of water put 2 table spoon of cumin seed in that and soak it for overnight.next day morning, boil the soaked cumin seeds with water. filter this water and leave to cool down once its cools down add 1/2 lemon juice and drink. Do this every morning with empty stomach for 2 weeks for speedy weight lose.

3. Lose Body Fat with Carrot Beet Juice


Ingredients:

take 2 Carrots

1 Beetroot

1/2 Lemon

1/2 Tsp of Black Salt

Direction:-

Take carrot and beetroot wash them and peel off the skin and cut into the small pieces and take 1/2 cup of water and put it into a blender and blend until it becomes smooth. Use filter to filter it .take that juice add lemon juice and black salt.Have this juice daily for break fast up to 1 week for speedy weight lose

4. Cabbage


Cabbage, this is known to burn body fat effectively.

Make sure that you eat a bowl of raw cabbage everyday before your lunch to burn fat.

5. Curry Leaves


Eating 10 fresh curry leaves daily in the morning works as a great remedy to deal with obesity and diabetes caused by obesity. Continue this treatment regularly for at least three to four months.


6.Cinnamon Powder to loss weight


Ingredients :

1 Tsp of Cinnamon Powder

1 Tbsp of Honey

Direction :-

Mix honey and cinnamon powder in a cup of hot water.When it cools slightly, sip it.Take this two times in a day, 1 hour before having your lunch and 30 minutes before bedtime for fast weight loss.

Source - featurewings

पित्त पथरी ( गाल स्टोन) का उपचार








पित्त पथरी ( गाल स्टोन) का उपचार.::----
पित्ताषय में दो तरह की पथरी बनती है।

प्रथम कोलेस्ट्रोल निर्मित पथरी। दूसरी पिग्मेन्ट से बननेवाली पथरी।
लगभग८०% पथरी कोलेस्ट्रोल तत्व से ही बनती हैं।वैसे तो यह रोग किसी को भी और किसी भी आयु में हो सकता है लेकिन महिलाओं में इस रोग के होने की सम्भावना पुरुषों की तुलना में लगभग दूगनी हुआ करती है।

पित्त लिवर में बनता है और इसका भंडारण गाल ब्लाडर में होता है।यह पित्त वसायुक्त भोजन को पचाने में मदद करता है। जब इस पित्त में कोलेस्ट्रोल और बिलरुबिन की मात्रा ज्यादा हो जाती है,तो पथरी निर्माण के लिये उपयुक्त स्थिति बन जाती है। प्रेग्नेन्सी,मोटापा,मधुमेह,,अधिक बैठे रेहने की जीवन शैली, तेल घी अधिकता वाले भोजन,और शरीर में खून की कमी से पित्त पथरी रोग होने की सम्भावना बढ जाती है।

दो या अधिक बच्चों की माताओं में भी इस रोग की प्रबलता देखी जाती है।

१) गाजर और ककडी का रस प्रत्येक १०० मिलिलिटर की मात्रा में मिलाकर दिन में दो बार पीयें। अत्यन्त लाभ दायक उपाय है।

२) नींबू का रस ५० मिलिलिटर की मात्रा में सुबह खाली पेट पीयें। यह उपाय एक सप्ताह तक जारी रखना उचित है।

३) सूरजमुखी या ओलिव आईल ३० मिलि खाली पेट पीयें।इसके तत्काल बाद में १२० मिलि अंगूर का रस या निम्बू का रस पीयें। यह ईलाज कुछ हफ़्तों तक जारी रखने पर अच्छे परिणाम मिलते हैं।

४) नाशपती का फ़ल खूब खाएं। इसमें पाये जाने वाले रसायनिक तत्व से पित्ताषय के रोग दूर होते हैं।

५) विटामिन सी याने एस्कोर्बिक एसिड के प्रयोग से शरीर का इम्युन सिस्टम मजबूत बनता है।यह कोलेस्ट्रोल को पित्त में बदल देता है। ३-४ गोली नित्य लें।

६) पित्त पथरी रोगी भोजन में प्रचुर मात्रा में हरी सब्जीयां और फ़ल शामिल करें। ये कोलेस्ट्रोल रहित पदार्थ है।

७) तली-गली,मांस,मसालेदार चीजों का परहेज जरुरी है।

८) शराब,चाय,काफ़ी एवं शकरयुक्त पेय हानिकारक है।

९) एक बार में ज्यादा भोजन न करें। ज्यादा भोजन से अधिक मात्रा में कोलेस्ट्रोल निर्माण होगा जो हनिकारक है।

१०) दूध से बनी चीजें ना लें | रेशे वाली वस्तुएँ भोजन में शामिल करने की चिंता करें |अंकुरित अनाज,ताजे फल,सब्जियां,और इसबगोल की भूसी उपयोग करें|

११) विटामिन सी ३००० एम जी याने ५०० एम जी की २-२ गोली दिन में ३ बार लें|

१२) विटामिन ई ६०० iu रोजाना लें |

१३) विटामिन डी ४०० iu प्रतिदिन लें|

१४) उक्त उपचार अपनाकर गाल ब्लाडर की २-३ एम एम साईज तक की पथरी से मुक्ति मिल जाती है। पित्त पथरी के आपरेशन में गाल ब्लाडर को हटा दिया जाता है जिसके दुष्परिणाम जीवन भर भुगतने पड़ते हैं |

Source - Facebook

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